Google+

Himachal Government Teacher�s Union

Phone: +91-9418071830

   Contact Us     Donation

History

हिमाचल राजकीय अध्यापक संगठन संघ का गठन 17 मई,1956 को किया गया था तथा इसका संविधान 13 अक्टूबर, 1956 को पारित किया गया ।

प्रथम प्रधान बी.एम.लाल बने। 1966 में इस संस्था के चुनाव नही हुए । विशाल हिमाचल बनने के बाद नये व पुराने हिमाचल के अध्यापक नेताओं कि बैठक 25 दिसम्बर 1966 को ज्वालामुखी में हुई, जिस में जुझारू संगठन के प्रथम चुनाव हुए। राणा रघुवीर सिंह प्रधान तथा राजकुमार को संघर्ष समिति का अध्यक्ष बनाया गया । 1968 में कुठारी आयोग कि सिफारिशें लागू करवाने के लिए हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने 35 दिवसीय हड़ताल की, जो हिमाचल के कर्मचारियो का प्रथम सफल आंदोलन था इस आंदोलन के फलस्वरूप हिमाचल में कुठारी कमीशन अध्यापकों के लिए लागू हुआ

1971-73 (दो कार्यकाल)में इसके प्रधान रोशन लाल शास्त्री और 1973 से 1986 तक हरीश गुलेरी प्रधान रहे इस अवधि में कई आंदोलन हुए जिसमे 1973 का आमरण अनशन ,1975 की भूखहड़ताल, 1981 का आमरण अनशन, 1983 की आम हड़ताल (23 दिन ) तथा 1986 का क्रमिक अनशन मुख्य थे। इस आंदोलन क़े परिणाम स्वरूप अध्यापकों को रनिंग ग्रेड का लाभ, अर्जित अवकाश, द्वितीय शनिवार का अवकाश, ग्राम स्रतर तक 5% आवास भता आदि लाभ प्राप्त हुए ।

1986 से 1988 तक राणा रघुवीर सिंह1988 से 1992 तक पुण्य हरीश गुलेरी प्रधान बने 1992-94 में वासु देव प्रधान बने । इस काल में ज्वालामुखी में अखिल भारतीय माध्यमिक शिक्षक महसंघ का राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न हुआ । 1994-96 में डॉ चुनी लाल शास्त्री प्रधान बने । इस काल में 29 अक्टूबर 1994 सुंदर नगर में विराट अध्यापक सम्मलेन हुआ जिसमे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सहित आठ कैबिनेट मंत्री सम्मिलत हुए । 1996-98 में करतार राणा के बाद चुनी लाल को प्रधान बनाया गया ।

1998-2000 में वासु देव प्रधान बने 2000 से 2006 तक 3 कार्यकाल में रोशन लाल प्रधान रहे । इस काल मैं अनेक धरने व सद बुद्धि यज्ञ किए गए फलस्वरूप अध्यापकों के सामान द्वितीय लाभ , शिक्षा बोर्ड अध्यापकों को करोड़ो रूपए के बकाए का भुगतान तथा अनेको सेवा संबंधी मामले हल हुए ।

2006 से 2008 तक प्यारू राम सांख्यान ,2008 से 2010 सुभास सोनी तथा 2010 से 2013 तक प्यारू राम सांख्यान प्रधान बने अध्यापक संघ आखिर भारतीय माध्यमिक शिक्षक माह संघ तथा EDUCATION INTERNATIONAL से संबंध है, शिक्षा में सुधार तथा बच्चे के विकास के लिये संघ ने अनेक सम्मेलन किये उनका संचालन किया